शुक्रवार 6 मार्च 2026 - 21:08
क़ुम अल मुक़द्देसा मे वली फ़क़ीह के प्रितिनिधि के कार्यलाय की ओर से सुप्रीम लीडर की शहादत की पहली शबे जुमा पर क़ुरआन ख़ानी और मजलिस का आयोजन

वली फ़क़ीह के प्रतिनिधि के कार्यलाय की ओर से सुप्रीम लीडर की शहादत की पहली शबे जुमा के अवसर पर कुम अल मुक़द्देसा मे क़ुरआन खानी, इमाम हसन मुज्तबा के जन्म दिवस के अवसर पर महफिल और मजलिस अज़ा का आयोजन किया गया जिसमे विद्वानो, छात्रो ने बड़ी संख्या मे भाग लिया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हिंदुस्तान के विद्वानो के लिए क़ुम अल मुक़द्देसा मे वली फ़क़ीह के प्रतिनिधि के कार्यालय की ओर से सुप्रीम लीडर की शहादत की पहली शबे जुमा के अवसर पर क़ुरआन ख़ानी, मदहे इमाम हसन मुज्तबा और मजलिस तरहीम का आयोजन किया गया, जिस मे विद्वानो और छात्रो ने बड़ी संख्या मे भाग लिया जबकि महिलाओ के लिए अलग से पूर्ण प्रबंध किया गया था।

قم المقدسہ میں دفترِ نمائندگیِ ولیِّ فقیہ کے زیرِ اہتمام رہبرِ معظم کی شہادت کی پہلی شبِ جمعہ پر قرآن خوانی اور مجلسِ ترحیم

भागीदारो ने क़ुरआन खानी और फ़ातेहा खानी के माध्यम से सुप्रीम लीडर को श्रृद्धांजली अर्पित की। प्रोग्राम का आरम्भ क़ारी मुहम्मद हसकरी शाकरी की तिलावत से हुए जबकि फ़ातेहा खानी के दौरान क़ारी गुलजार हुसैन बशारती और कारी आसिफ़ अली आसफ़ी ने भी तिलावत की।

प्रोग्राम मे शोअरा ए इकराम मौलाना इरफ़ान आलमपुरी और मौलाना आमिर अब्बास नौगांवी ने अपनी कविताओ के माध्यम से अहले बैत (अ) की मुहब्बत और सुप्रीम लीडर की सेवा मे श्रृद्धांजली प्रस्तुत की।

قم المقدسہ میں دفترِ نمائندگیِ ولیِّ فقیہ کے زیرِ اہتمام رہبرِ معظم کی شہادت کی پہلی شبِ جمعہ پر قرآن خوانی اور مجلسِ ترحیم

इस अवसर पर संबोधन करते हुए हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन मौलाना ज़फ़र अब्बास रिजवी ने इमाम हसन मुज्तबा (अ) के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अहले बैत (अ) का पवित्र जीवन मानवता के लिए पूर्ण मॉडल है। उन्होने कहा कि इमाम हसन की जीवनी हमे शांति, बुद्दिमत्ता, और उम्मत के वसीअ मफाद को प्राथमिकता देने का पाठ सिखाती है। और इतिहास इस बात का साक्षी है कि आप की सुल्ह वास्तव मे इस्लाम के सुरक्षा और उम्मत की एकता के लिए एक बड़ी हिकमत ए अमली थी।

قم المقدسہ میں دفترِ نمائندگیِ ولیِّ فقیہ کے زیرِ اہتمام رہبرِ معظم کی شہادت کی پہلی شبِ جمعہ پر قرآن خوانی اور مجلسِ ترحیم

उन्होने आगे कहा कि आज के दौर मे भी हमे मासूमीन (अ) के चरित्र से मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए हक और बातिल की पहचान के साथ ज़ुल्म के सामने डट जाना चाहिए।

मौलाना ज़फ़र अब्बास रिजवी ने अपने संबोधन मे सुप्रीम लीडर के व्यक्तित्व और विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होने अपने पूरे जीवन इस्लाम, मुस्लिम उम्मत और मज़लूमो की रक्षा के लिए वक्फ कर दिया था। उनका किरदार इस्तेक़ामत, बुद्धिमत्ता और अत्याचार तथा उपनिवेशवाद के सामने निडर क़याम का स्पष्ट उदाहरण था।

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उन्होने कहा कि सुप्रीम लीडर की शहादत इस्लामी उम्मत के लिए बड़ी घटना है। हालाकि उनके विचार, इंकेलाबी बसीरत और प्रतिरोध का मोर्चा हमेशा जीवित रहेगा। हमे चाहिए कि हम उनके विचार और उद्देश्यो के साथ अपनी वाचा का नवीनीकरण करे और जुल्म व उपनिवेशवाद के खिलाफ़ इस दृढता के साथ मैदान मे खड़े रहे।

प्रोग्राम के अंत मे भागीदारो ने सुप्रीम लीडर की बुलंदी दरजात के लिए दुआ की।

 

 

 

 

 

 

 

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